Thursday, 29 November 2012

आईएएस ने सामूहिक आयोजन में की शादी


अहमदाबाद, [शत्रुघ्न शर्मा]। शादी-विवाह में तड़क-भड़क और दिखावे की संस्कृति को ठेंगा दिखा गुजरात कैडर के एक आईएएस अफसर ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी कर युवाओं के लिए नया आदर्श पेश किया है।
साबरकाठा जिले की खेड़ब्रम्हा तहसील के निवासी विजय खराड़ी आदिवासी समुदाय डूंगरी गरासिया से आते हैं। गत वर्ष जब वह आईएएस में चयनित हुए तो उनके समाज की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विजय इस समुदाय के पहले आईएएस हैं। विजय वर्तमान में मध्य गुजरात के नर्मदा जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर तैनात हैं। गत दिनों जब डूंगरी गरासिया समुदाय के उपाध्यक्ष बीएम खाणमा व अन्य ने उन्हें समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया तो उन्होंने खुद भी समारोह में ही शादी की इच्छा जताई। पिता और परिजन सहमत नहीं थे, लेकिन विजय ने उन्हें मना लिया। विजय का कहना है कि सामूहिक विवाह में शादी करके धन की बर्बादी को रोका जा सकता है। इससे बचे धन का इस्तेमाल समाज में शिक्षा-जागरूकता के लिए किया जाए तो कायापलट हो सकता है।
विजय मंगलवार को सामूहिक विवाह सम्मेलन में पड़ोसी गाव भिलोड़ा की सीमा के साथ सात जन्मों के बंधन में बंध गए। इस समारोह में विजय और सीमा समेत 34 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। जीआईडीसी के दक्षिण गुजरात के विभागीय प्रबंधक टी के पाडोर, विधायक अनिल जोशीयारा, पूर्व विधायक रमीला बारा आदि बाराती बने।

आखिरकार.. झुकी सरकार


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आईएएस-आईपीएस विवाद प्रकरण पर आक्रामक हुए आईपीएस एसोसिएशन का सरकार पर दबाव असर कर गया। प्रदेश सरकार ने सोमवार को आईपीएस अफसरों की कई लंबित मांगों को मान लिया। अब थानाध्यक्ष की नियुक्ति में जिला अधिकारी की लिखित अनुमति लेना बाध्यकारी नहीं होगा, लेकिन नियुक्ति जिला अधिकारी के मशविरा पर ही की जाएगी। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है आईपीएस के प्रोन्नति के मामलों में तेजी लाई जाएगी।
बीते बुधवार को बस्ती में मंडलायुक्त के एसपी सिद्धार्थनगर के पद पर रहे मोहित गुप्ता को अपमानित करने पर आईपीएस एसोसिएशन के तेवर को देखते हुए सोमवार को मुख्य सचिव ने अपने कार्यालय में बैठक की। इसमें सुरक्षा सलाहकार करमवीर सिंह के साथ ही एसोसिएशन के पदाधिकारी भी थे। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने कहा कि अब पुलिस मैन्युअल के अनुरूप ही थानाध्यक्षों की तैनाती की जाएगी।
थानाध्यक्षों की तैनाती में जिला अधिकारी की लिखित अनुमति लेना बाध्यकारी नहीं होगा। वरिष्ठता सूची के आधार पर पुलिस कप्तान थानाध्यक्षों की तैनाती जिला अधिकारी से विमर्श के बाद करेंगे। यदि दोनों की सहमति न हुई तो रेंज आईजी या डीआइजी थानाध्यक्षों की तैनाती करेंगे।
यह व्यवस्था पहले थी लेकिन वर्ष 2008 में राज्य सरकार ने परिवर्तन करते हुए जिला अधिकारी से लिखित अनुमति को बाध्यकारी बना दिया था। एसोसिएशन की एक अन्य मांग प्रदेश में आईजी जोन व्यवस्था बहाल करने की थी। मुख्य सचिव ने कहा कि अभी चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में मांग पर अभी कोई आश्वासन देना संभव नहीं है। चुनाव बाद इस मामले में विचार किया जाएगा। आईपीएस संवर्ग की रिक्तियों और प्रोन्नति के प्रकरणों में तेजी लाई जाएगी।
आईपीएस एसोसिएशन के सचिव अरुण कुमार ने कहा कि सरकार से वार्ता के बाद पदाधिकारी संतुष्ट हैं। प्रकरण को अब खत्म मान लिया गया है। उन्होंने कहा मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया है कि बस्ती में मंडलायुक्त के एसपी को अपमानित किए जाने के मामले में गठित जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद जल्द कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि बीते गुरुवार को बस्ती के मंडलायुक्त रहे अनुराग श्रीवास्तव ने सिद्धार्थनगर के एसपी रहे मोहित गुप्ता को अपशब्द कहते हुए एक बैठक से बाहर निकाल दिया। इस पर आईपीएस एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की। आयोग ने सिद्धार्थनगर की जिला अधिकारी बी चैत्रा व एसपी मोहित गुप्ता को हटा दिया लेकिन अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज 2004 से 2007 बैच के दो दर्जन से अधिक अफसरों ने रविवार को आईपीएस एसंोसिएशन के सचिव को इस्तीफा भेज दिया था। इस दबाव के कारण अनुराग श्रीवास्तव हटा दिए गए।
जांच टीम पहुंची बस्ती, आयोग पहुंचे मोहित गुप्ता
-प्रकरण की जांच के लिए गठित जांच समिति सोमवार को बस्ती पहुंच गई। टीम ने सिद्धार्थनगर व संत कबीरनगर के डीएम-एसपी से इस मामले की जानकारी ली। सिद्धार्थनगर की पूर्व डीएम वी चैत्रा और एसपी मोहित गुप्ता का भी बयान दर्ज किया गया।
मोहित गुप्ता ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा से भी मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार इस बीच बस्ती के आयुक्त पद से हटाए गए अनुराग सिन्हा ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखा है।

Wednesday, 28 November 2012

आईएएस प्री परीक्षा के प्रवेश पत्र ऑनलाइन

UPSC Civil Services (Prelim) Exam: Download e-Admit Card

इलाहाबाद। संघ लोक सेवा आयोग ने आईएएस परीक्षा के प्रवेश पत्र गुरुवार को ऑनलाइन कर दिए हैं। साथ ही अस्वीकृत किए गए आवेदन पत्रों से संबंधित विवरण को कारण सहित ऑनलाइन किया गया है। 20 मई को देशभर में एक साथ होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट यूपीएससी.जीओवी.इन से डाउनलोड किए जा सकते हैं।
संघ लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों को उनके ईमेल पर भी परीक्षा केंद्र के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था की है। हालांकि इस बार केवल ई-प्रवेश पत्र ही जारी करने की घोषणा की है। डाक से प्रवेश पत्र नहीं भेजे जाएंगे।
आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि यदि अभ्यर्थी के ई-प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं लगी है या स्पष्ट नहीं है तो परीक्षा केंद्र पर पहचान का प्रमाण पत्र लेकर ही जाएं। इसके अलावा प्रवेश पत्र के दो प्रिंटआउट सहित दो फोटोग्राफ लाना होगा। किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति में अभ्यर्थियों को पांच मई तक आयोग को ईमेल के माध्यम से अवगत कराना होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को परीक्षा में केवल काला बाल प्वाइंट पेन का प्रयोग करने की सलाह दी है। पूर्व में एसबी पेंसिल का प्रयोग करने को कहा गया था, जिसे बाद में बदल दिया गया।

आइएएस के 1700 पद खाली

Over 1700 posts for IAS lying vacant

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में इस समय आइएएस के 1700 पद खाली हैं। सबसे ज्यादा 216 पद उत्तर प्रदेश में रिक्त हैं। कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने बुधवार को लोक सभा में प्रश्न काल के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आइएएस के कुल 6154 के मुकाबले 4377 पद भरे हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार में 128, झारखंड में 100 और पंजाब में 60 पद रिक्त हैं।
भ्रष्टाचार के 600 मामले दर्ज
सीबीआइ ने पिछले साल भ्रष्टाचार के 600 मामले दर्ज किए हैं। नारायणसामी ने लोक सभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि जांच एजेंसी ने पिछले तीन साल में 1459 मामलों में सरकारी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों से अनुमति मांगी है। इन मामलों में ढाई हजार से ज्यादा सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
रिश्वत लेने वालों के साथ-साथ रिश्वत देने वालों के खिलाफ भी सीबीआइ कार्रवाई कर रही है। पिछले तीन साल में ऐसे 36 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
आत्महत्या एवं आपसी हत्या का शिकार हुए 1426 सैन्यकर्मी रक्षा मंत्री एके एंटनी ने एक लिखित जवाब में राज्य सभा को बताया कि पिछले 12 साल में आत्महत्या और साथियों की गोली का शिकार बनने वाले सैन्यकर्मियों की संख्या 1426 रही। थल सेना ने इन घटनाओं में सबसे ज्यादा 1150 कर्मी खोए। इस साल अब तक 27 कर्मी शिकार हुए हैं। उन्होंने मानसिक तनाव, व्यक्तिगत और वित्तीय समस्याओं को इन घटनाओं की वजह बताया।

शेना बनीं आईएएस टॉपर

womens wins in ias exams

नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में लगातार दूसरे साल महिला उम्मीदवारों ने पहले दो स्थान पर कब्जा जमाकर फिर अपनी धाक जमाई है। बदले पैटर्न पर हुई इस बार की परीक्षा के नतीजों में देश की विविधता का अनोखा संगम देखने को मिला। शीर्ष 25 स्थान हासिल करने वाली अभ्यर्थी 16 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा शुक्रवार को घोषित नतीजों के मुताबिक एम्स से एमबीबीएस शेना अग्रवाल ने आइएएस परीक्षा टॉप की है। यह उनका तीसरा प्रयास था। हरियाणा के यमुनानगर की शेना ने 12वीं पास करते ही कहा था, आइएएस बनूंगी। वर्ष 2009 में शेना संघ लोक सेवा आयोग [यूपीएससी] की परीक्षा में शामिल हुई। उसका आइआरएस [इंडियन रेवेन्यू सर्विस] के लिए चयन हुआ। गत पांच माह से शेना नागपुर में आइआरएस अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण भी प्राप्त कर रही है, लेकिन उसे और बुलंदियों को छूना था।
मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से सामाजिक उद्यम में स्नातकोत्तर रुक्मिणी रियाड़ ने पहले ही प्रयास में दूसरी रैंक हासिल की। आइआइटी दिल्ली से एमटेक प्रिंस धवन तीसरे स्थान पर रहे। वह भी पहली कोशिश में कामयाब रहे। टॉप 25 में ज्यादातर उम्मीदवार एम्स, आइआइएम और आइआइटी के पूर्व छात्र हैं। एक ने लंदन स्कूल आफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है और 12 ऐसे हैं जो पहले ही सिविल सेवा के लिए चुने जा चुके थे, लेकिन आइएएस पाने के लिए उन्होंने इस बार फिर परीक्षा दी थी।
सबसे अहम बात यह रही कि नतीजे अखिल भारतीय तस्वीर पेश करते हैं। आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तराखंड के स्थायी निवासी उम्मीदवारों ने टॉप 25 में जगह बनाई है। इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि में भी पर्याप्त विविधता झलकती है। शीर्ष 25 के भावी सिविल सेवक शिक्षक, उद्यमी, निम्न मध्यम वर्ग, सैनिक, डॉक्टर, वकील और सिविल सेवकों के परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अनुसार कुल 1001 रिक्तियों के मुकाबले 910 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन किया गया। दरअसल, आरक्षित श्रेणी के 91 अभ्यर्थियों ने सामान्य कोटे में जगह बनाई है। सफल उम्मीदवारों में 715 पुरुष और 195 महिलाएं हैं। इनका चयन आइएएस, आइएफएस, आइपीएस समेत विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए किया गया है।

देश की पहली नर्स बनी आइएएस


india first nurse IAS

तिरुअनंतपुरम। मां-बाप अपने बच्चों के लिए कई सपने देखते हैं और समय के साथ उनके यह सपने बच्चों के सपने बन जाते हैं। केरल के एक छोटे से गांव के किसान की ख्वाहिश थी कि उसकी बेटी आइएएस बने। अपनी साम‌र्थ्य अनुसार उसे पढ़ाया-लिखाया और आज उसी बेटी ने यह सपना साकार कर दिखाया है। यह बेटी कोई और नहीं एनीज कनमणि जॉय हैं, जिन्होंने आइएएस की परीक्षा में 65वां स्थान प्राप्त किया है। वह देश की पहली नर्स हैं जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की है।
यह पहला मौका नहीं है जबकि एनीज ने सिविल सेवा की परीक्षा पास की है। साल 2011 में उनकी 580वीं रैंक थी। उसी के तहत वह अभी भारतीय अकाउंट सेवा के तहत आफिसर ट्रेनिंग ले रही हैं। एनीज ने बताया कि बचपन से ही पिताजी ने आइएएस बनने का सपना सिखाया, लेकिन मैंने इसके लिए तैयारी इंटर्नशिप के बाद ही शुरू की। एनीज का कहना है कि लोग अक्सर सोचते हैं कि ग्रामीण पृष्ठभूमि का होने से मुश्किलें बढ़ जाती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। मैं केरल की हूं जहां शिक्षा का खासा महत्व है। हालांकि एनीज का सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन मेडिकल परीक्षा में अच्छी रैंक नहीं आने से उन्हें मजबूरी में बीएससी [नर्सिग] करना पड़ा। एनीज का कहना है हालांकि नर्सिग का पेशा कभी भी उनकी प्राथमिकता नहीं था, लेकिन सिविल सेवा की परीक्षा में इससे खासी मदद मिली। अपने काम में हमें तुरंत फैसले लेने पड़ते हैं, ऐसे में यह परीक्षा के लिहाज से बहुत मददगार साबित हुआ। एनीज बताती हैं कि सिविल परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने प्रतिदिन नौ घंटे की पढ़ाई की। इस दौरान उन्होंने दोस्तों से दूरी बनाकर रखी। सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया, 'परीक्षा से पहले सोचा कि किसी आइएएस नर्स से सलाह लेनी चाहिए, लेकिन मैं ऐसी किसी नर्स को नहीं ढूंढ़ पाई। हालाकि मुझे इस बारे में पता इम्तिहान पास कर लेने के बाद ही चला।'

योजना बनाकर करें तैयारी


अगर आपने आइबीपीएस परीक्षा पास कर चुके हैं, तो इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन करके अपनी एक सीट आंध्र बैंक में पक्की कर सकते हैं..
बैंक की आईबीपीएस परीक्षा में इस बार लगभग पांच लाख से अधिक स्टूडेंट्स सफल हुए हैं। इस परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों के स्कोर कार्ड की वैलिडिटी एक वर्ष है। जाहिर है इनमें से सभी को नौकरी नहीं मिल सकती है। इसमें सफलता उन्हीं स्टूडेंट्स को मिलती है, जो एक योजना बनाकर तैयारी करते हैं और अपनी कमियों को समय रहते दूर करते हैं। यदि आप भी यह परीक्षा पास कर चुके हैं, तो आपके लिए सुनहरा अवसर है, क्योंकि हाल ही में आंध्र बैंक ने क्लर्क पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 मई है।
आवश्यक योग्यता
क्लर्क पदों के लिए जनरल कैंडिडेट को किसी भी विषय से ग्रेजुएशन होना जरूरी है। आरक्षण के दायरे में आनेवाले कैंडिडेंट को सरकारी नियमानुसार छूट का प्रावधान है। उम्र सीमा जनरल कैंडिडेट के लिए 18 से 28 वर्ष निर्धारित है। कंप्यूटर नॉलेज जरूरी है और जिस रीजन से आवेदन कर रहे हैं, उस रीजन से संबंधित भाषा या लैंग्वेज का ज्ञान आवश्यक है।
सेलेक्शन प्रोसेड्योर
क्लर्क पदों के लिए मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। मेरिट लिस्ट आईबीपीएस में प्राप्त अंक और इंटरव्यू में मिले अंकों को जोडकर बनाई जाएगी। इसमें जिसका बेहतर परफॉमर्ेंस होगा, उसी का चयन किया जाएगा।
तैयारी के लिए टिप्स
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी परीक्षा में सफलता तभी मिल सकती है, जब आप उसे पाने के लिए दृढ संकल्पित होंगे। इंटरव्यू में मोडेरेटर पैनल आब्जर्व करता है कि कैंडिडेट इनीशिएटिव लेता है या नहीं, उसमें दिशा देने की कितनी क्षमता है? क्या वह आगे बढकर जिम्मेदारी लेता है? ग्रुप में लोगों से उसका कोआर्डिनेशन कैसा है? कैंडिडेट की सब्जेक्ट पर पकड कितनी है। इसके अलावा वह अपने खुद के विचार कैसे समाहित करता है। यह बहुत मायने रखता है कि आप एनालिटिकली कितने सक्षम हैं। आप आर्गुमेंट को कैसे इस्तेमाल करते हैं और आपके लॉजिक में कितना दम है।
बढाएं कम्युनिकेशन स्किल
यह बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें आपकी फ्लुएंसी, विचारों में स्पष्टता, प्रेजेंटेशन स्किल्स, लिसनिंग एबिलिटी, आपका दृष्टिकोण और बॉडी लैंग्वेज देखी जाती है। इंटरव्यू में आपका विचार भी देखा जाता है। इसके साथ ही यह भी देखा जाता है कि कहीं आप ओवर एग्रेसिव तो नहीं हैं। दूसरों पर बिना वजह हावी होने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं? जवाब शालीनता से दें। आप टू दी प्वाइंट उत्तर देंगे, तो सफलता के चांसेज बढ जाते हैं।
सहज रहें, सफल बनें
अभ्यर्थी को हमेशा शांत रहना चाहिए और इस तरह से बात करनी चाहिए जिससे इंटरव्यू लेने वाले लोगों पर अच्छा प्रभाव पडे। इंटरव्यू में कुछ ऐसी बातें होती हैं, जिन्हें नहीं कहना चाहिए। ये बातें इंटरव्यू लेने वाले लोगों के मन में आपके प्रति शंका पैदा कर सकती हैं या गलत संदेश दे सकती हैं। इसलिए इंटरव्यू देते समय कुछ बातों को नहीं कहने से हमेशा बचें। आज के समय में किसी कंपनी को केवल अच्छा काम ही नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपने कर्मचारियों से अच्छे प्रोफेशनल व्यवहार की भी अपेक्षा होती है। इसलिए जब इंटरव्यू देने के लिए जाएं तो खुद को एक अच्छे और मंझे हुए प्रोफेशनल की तरह से कंपनी के लोगों के सामने पेश करें। इससे इंटरव्यू लेने वाली टीम के मन में आपकी अच्छी छवि बनेगी और उन्हें इस बात का अहसास होगा कि सामने वाला व्यक्ति इस पद के लिए अच्छा रहेगा। इंटरव्यू के दौरान अगर कोई प्रश्न आप समझ नहीं पा रहे हैं तो बेहतर होगा कि तुरंत इंटरव्यू लेने वाले से फिर से प्रश्न पूछने की गुजारिश विनम्रता पूर्वक करें। किसी सवाल का अप्रासंगिक उत्तर देने से यह कहीं बेहतर विकल्प है। अगर इस तरह की स्ट्रेटेजी अपनाकर इंटरव्यू की तैयारी करते हैं, तो यकीन मानिए कि सफलता आपके बेहद करीब खडी दिखाई देगी।
1. वर्ष 2012 में होने वाली आर्थिक जनगणना इस श्रृंखला की कौन सी जनगणना है ?
- छठवीं
2. भारत में प्रत्यक्ष करों की शीर्ष संस्था केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड है। देश में अप्रत्यक्ष करों की शीर्ष संस्था कौन सी है?
-सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एण्ड कस्टम्स
3. भारतीय बैंकों में गोल्डन हैण्डशेक (वी.आर.एस.) योजना शुरु करने की सिफारिश किस समिति ने की थी?
- नरसिंहन समिति - द्वितीय (1998)
4. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव का कार्यकाल केन्द्र सरकार ने बढाकर कितना कर दिया है?
- सितम्बर 2013 तक
5. 115वां संविधान संशोधन विधेयक किस विषय से सम्बन्धित है?
गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी)
6. भारत में विदेशी मुद्रा भण्डार किसकी निगरानी में रखे जाते हैं?
- भारतीय रिजर्व बैंक
7. भुगतान संतुलन शब्द का प्रयोग किसके सम्बन्ध में किया जाता है?
- आयात तथा निर्यात
8. 1,000 करोड रुपए की निधि से आरंभ की गई राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा निधि समाज के किस समूह के लिए सहायक सिद्ध होगी?
- असंगठित क्षेत्र के कामगार
9. करेंसी एण्ड फाइनेंस नामक वार्षिक रिपोर्ट हर वर्ष कौन सा संगठन प्रकाशित करता है?
- भारतीय रिजर्व बैंक
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